बड़ी कार्रवाई: ओवररेटिंग पर कृषि विभाग का बुलडोजर, बालाजी खाद भंडार 7 दिनों के लिए सील
जशपुर / पत्थलगांव:
किसानों को तय कीमत से अधिक दाम (ओवररेटिंग) पर यूरिया बेचने वाले उर्वरक विक्रेताओं पर कृषि विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शिकायत मिलने के बाद की गई जांच में भारी अनियमितता पाए जाने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मेसर्स बालाजी खाद भंडार, पत्थलगांव को 7 दिनों के लिए सील कर दिया है।


जांच में खुली पोल, नियमों की उड़ रही थीं धज्जियां
कृषि विभाग की विशेष जांच टीम ने जब प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया, तो पाया गया कि बालाजी खाद भंडार द्वारा यूरिया उर्वरक को शासन द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से कहीं अधिक दामों पर बेचा जा रहा था।
यह कृत्य उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी के निर्देश पर दुकान को तुरंत 7 दिनों के लिए सील कर दिया गया।
कार्रवाई में शामिल टीम:
- आर. के. पैंकरा (अनुविभागीय कृषि अधिकारी)
- जीवन एक्का (वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी)
- श्याम सुन्दर पैंकरा (वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी)
- जेम्स लकड़ा (उर्वरक निरीक्षक)
"किसानों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा" — उप संचालक कृषि
मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए उप संचालक कृषि (जशपुर) श्री एम. आर. भगत ने स्पष्ट चेतावनी दी है:
- पक्का बिल अनिवार्य: सभी खाद विक्रेताओं को निर्धारित दर पर ही उर्वरक बेचना होगा और हर बिक्री पर किसान को पक्का बिल देना अनिवार्य होगा।
- सख्त कार्रवाई की चेतावनी: नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।














